गर्भावस्था में स्मोकिंग से होने वाली बच्ची की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है असर


गर्भावस्था में स्मोकिंग करने से होने वाली बच्ची की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है असर

इस अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि धूम्रपान एक अंतःस्रावी व्यवधान है जो गर्भ में पल रही लड़कियों में मर्दाना व्यवहार उत्पन्न कर सकता है. गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने वाली महिलाओं की बेटी लंबे समय तक हार्मोनल और प्रजनन स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकती है

इस अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि धूम्रपान एक अंतःस्रावी व्यवधान है जो गर्भ में पल रही लड़कियों में मर्दाना व्यवहार उत्पन्न कर सकता है. गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने वाली महिलाओं की बेटी लंबे समय तक हार्मोनल और प्रजनन स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकती है

  • News18Hindi
  • Last Updated:
    September 20, 2019, 6:24 PM IST

भारत में इन्फर्टिलिटी यानी बांझपन की दर पिछले कुछ वर्षों में निरंतर बढ़ी है. वर्ल्ड बैंक 2013 के एक अनुमान के मुताबिक, साल 2000 से भारत में प्रजनन क्षमता में 17% की गिरावट देखी गई है. अभी हाल के एक अध्ययन में, यह पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने वाली महिलाओं को जब लड़कियां पैदा हुई तो उनमें आगे चलकर इन्फर्टिलिटी की समस्या पाई गई.

धूम्रपान करने वाली मां से पैदा होने वाली लड़कियों में टेस्टोस्टेरोन के बढ़ने के संकेत पाए गए. यही संकेत आगे चलकर भविष्य में उनके हार्मोन और प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रही हैं. यह अध्ययन 58 वीं वार्षिक यूरोपीय सोसायटी फॉर पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजी मीटिंग में प्रस्तुत किया गया था.

इस अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि धूम्रपान एक अंतःस्रावी व्यवधान है जो गर्भ में पल रही लड़कियों में मर्दाना व्यवहार उत्पन्न कर सकता है. गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने वाली महिलाओं की बेटी लंबे समय तक हार्मोनल और प्रजनन स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकती है.

गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करना मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए बहुत बुरा हानिकारक माना जाता है. फिर भी कुछ महिलाएं निष्क्रिय धूम्रपान के संपर्क में रहती हैं. सिगरेट के धुएं में मौजूद कई विषाक्त पदार्थों के अलावा, इसमें अंतःस्रावी-विघटनकारी गुण होते हैं जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ा सकते हैं.गर्भ में पुरुष हार्मोन, टेस्टोस्टेरोन के उच्च स्तर के संपर्क में आने वाली बच्चियों को असामान्य विकास और उनकी प्रजनन क्षमता और मेटाबॉलिज्म पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभावों का अधिक खतरा होता है.

अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता डॉ किज़िले ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘गर्भ में सिगरेट के धुएँ के संपर्क में आने के कारण होने वाली संभावित प्रजनन समस्याओं के पीछे के तंत्र को पूरी तरह से नहीं समझा जा सकता है. हमारे परिणाम बताते हैं कि लड़कियों में उच्च टेस्टोस्टेरोन का जोखिम होता है, लेकिन यह नहीं कि यह प्रजनन क्षमता से कैसे संबंधित है. अधिक व्यापक और इस संबंध को समझाने के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किए गए अध्ययन की आवश्यकता है. ‘

अध्ययन को बेहतर ढंग से समझने के लिए, टीम अब बच्चियों के एक ही समूह में धूम्रपान के जोखिम के कारण उच्च टेस्टोस्टेरोन के स्तर के संपर्क के दीर्घकालिक प्रभावों की निगरानी करने की योजना बना रही है, ताकि यह आंकलन किया जा सके कि यह उनके भविष्य के स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित कर सकता है.

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First published: September 20, 2019, 5:49 PM IST



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