पार्टनर की संतुष्टि के लिए प्राइवेट पार्ट की लंबाई कितनी होनी चाहिए?


प्रकाश कोठारीप्रकाश कोठारी

डॉ प्रकाश कोठारी

सवाल: पुरुष के प्राइवेट पार्ट की लंबाई कितनी होनी चाहिए ताकि वह अपने पार्टनर को पूरी तरह संतुष्टि दे सकें?

जवाब: पुरुष के प्राइवेट पार्ट के दो काम होते हैं। एक यूरिन करना और दूसरा सहवास। यूरिन करने के मामले में साइज का कोई लेना-देना नहीं है। हां, दूसरे काम में प्राइवेट पार्ट की लंबाई से फर्क पड़ता है। पार्टनर को संतुष्टि मिले, इसकी जिम्मेदारी पुरुष की है। महिला के प्राइवेट पार्ट की लंबाई औसतन 6 इंच होती है।

मास्टरबेशन के बाद देर से स्पर्म निकलता है, क्या यह नैचरल है?

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि शुरुआत के एक तिहाई हिस्से यानी लगभग 2 इंच में ही संवेदना रहती है। सीधे कहें तो महिला पार्टनर की संतुष्टि के लिए पुरुष के उत्तेजित प्राइवेट पार्ट की लंबाई 2 इंच या इससे अधिक होना पर्याप्त है। जितना लंबा उतना बेहतर की बात गलतफहमी मात्र है। अहम है संतुष्टि, न कि प्राइवेट पार्ट की लंबाई।

क्या गर्मियों में बढ़ जाता है पीनिस का साइज?

  • क्या गर्मियों में बढ़ जाता है पीनिस का साइज?

    गर्मी ने जहां सबको बेहाल कर रखा है वहां लड़कों के लिए अच्छी खबर है। इंटरनेट पर एक अजीब बात वायरल हो रही है जिसके मुताबिक पुरुषों के प्राइवेट पार्ट का साइज गर्मी में बढ़ जाता है।

  • समर पीनिस मिला है टर्म

    खबरों के मुताबिक गर्मियों में कुछ पुरुषों ने नोटिस किया कि उनके पीनिस का साइज तापमान के साथ बढ़ गया। इस साइज बढ़ने की घटना को एक खास नाम ‘समर पीनिस’ भी दिया गया। वहीं इंटरनेट पर कुछ लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि गर्मी से उनका इरेक्शन बेहतर हुआ है और शैफ्ट का साइज भी बढ़ा है। तो क्या वाकई में गर्मियों में लड़कों के पीनिस का साइज बढ़ जाता है?

  • ये हो सकती है वजह

    वैसे इसका जवाब हां और नहीं दोनों ही हैं। इस अजीब दावे को अगर एक्सप्लेन किया जाए तो कहा जा सकता है कि ऐसा पॉसिबल है क्योंकि गर्मियों में ब्लड वेसेल्स फैलती हैं जिससे साइज बढ़ सकता है।

  • तापमान से कनेक्शन

    तापमान जितना ज्यादा होगा ब्लड वेसेल्स उतनी ही फैलेंगी जिससे इरेक्टाइल टिश्यू का साइज बढ़ जाता है।

  • लाइफस्टाइल का असर

    दूसरी वजह यह भी हो सकती है कि गर्मियों के दौरान लाइफस्टाइल में बदलाव होता है। लोग ज्यादा ऐक्टिव लाइफ जीते हैं जिससे नीचे ब्लड पंपिंग अच्छी तरह होती है। इससे भी साइज बड़ा दिख सकता है।

  • नहीं है कोई प्रमाण

    हालांकि यह भी ध्यान रखें कि ये टेम्पररी होते हैं और इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण भी नहीं। इसकी वजह यही है कि इस अजीब घटना पर अभी ज्यादा रिसर्च नहीं हुई है।

आपका भी कोई सवाल है? हमें हिन्दी या अंग्रेजी में सवाल भेजें drprakashkothari1@gmail.com पर।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »